नियम ताक पर: बरेली में तड़के ही छलक रहे जाम! DM के आदेशों की धज्जियां, 'घाटे' का रोना रोते आबकारी विभाग साधी साधी चुप्पी
बरेली में समय सीमा से पहले शराब की दुकानें खुलने का बड़ा खुलासा। जिलाधिकारी के सख्त आदेशों को ठेंगा दिखाकर सुबह-सुबह बेची जा रही शराब। जब आबकारी अधिकारी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने वर्जन देने से इनकार कर दिया। पढ़ें पूरी खबर...
सुबह-सुबह छलक रहे जाम, DM के आदेश हवा-हवाई! 'घाटे' का गणित या नियम तोड़कर मुनाफा कमाने का खेल?
जनवार्ता लाइव
बरेली:
झुमका शहर बरेली में आबकारी विभाग के दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच का फासला लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां आबकारी महकमा ठेकेदारों के 'घाटे' की दुहाई देता नहीं थकता, वहीं दूसरी तरफ शहर में आबकारी नियमों और जिलाधिकारी (DM) के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
मामला बरेली का है, जहां तय समय सीमा से काफी पहले ही शराब के ठेकों के शटर उठ रहे हैं और सुबह-सुबह ही शौकीनों को जाम परोसे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो तड़के ही ठेकों पर बिक्री शुरू हो जाती है, जिससे आसपास के इलाकों में माहौल खराब हो रहा है।
अधिकारी ने साधी चुप्पी, वर्जन देने से इंकार
जब इस पूरे मामले पर विभागीय कार्रवाई और सच्चाई जानने के लिए आबकारी अधिकारी से संपर्क किया गया और उनका आधिकारिक 'वर्जन' (पक्ष) लेना चाहा, तो साहब ने साफ-सुथरा इनकार कर दिया। मीडिया के तीखे सवालों से बचते नजर आए अधिकारी ने मामले पर कुछ भी बोलने से चुप्पी साध ली।
'घाटे' के दावे पर उठे गंभीर सवाल
विभाग का अक्सर तर्क रहता है कि शराब का कारोबार इन दिनों मंदा और घाटे में चल रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि:
अगर शराब का कारोबार वाकई घाटे में है, तो ठेकेदार तड़के ही नियम तोड़कर दुकानें खोलने की जल्दी में क्यों रहते हैं?
क्या सुबह-सुबह अवैध रूप से बेची जा रही शराब से कमाई का नया जरिया तलाशा जा रहा हà¥