विरोध के बीच गुरदासपुर के गांव में देर रात पर्दे पर चली 'सतलुज' फिल्म, गुरुद्वारे के बाहर हकीकत जानने उमड़ी भीड़!
पंजाब के गुरदासपुर में जहां एक तरफ 'सतलुज' फिल्म का तीखा विरोध हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ गांव ठक्कर संधू में देर रात गुरुद्वारे के बाहर प्रोजेक्टर लगाकर ग्रामीणों को यह फिल्म दिखाई गई, ताकि लोग खुद सच का फैसला कर सकें।
जनवार्ता लाइव
गुरदासपुर।
पंजाब में इन दिनों फिल्म 'सतलुज' को लेकर माहौल बेहद गर्माया हुआ है। जहां एक तरफ बीते लंबे समय से इस फिल्म का चौतरफा और तीखा विरोध देखने को मिल रहा है, वहीं गुरदासपुर के सीमावर्ती गांव ठक्कर संधू से एक बेहद चौंकाने वाली और दिलचस्प तस्वीर सामने आई है।
तमाम विरोध प्रदर्शनों को दरकिनार करते हुए, बीती देर रात गांव के गुरुद्वारा साहिब के ठीक बाहर एक बड़ा सफेद पर्दा तान दिया गया। प्रोजेक्टर की रोशनी चमकी और देखते ही देखते वहां 'सतलुज' फिल्म का प्रदर्शन शुरू हो गया। फिल्म को लेकर मचे घमासान के बीच, इस अनोखी स्क्रीनिंग का मकसद किसी विवाद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि ग्रामीणों को असल हकीकत से रूबरू कराना था।
गांव के लोग भारी संख्या में इस सीक्रेट स्क्रीनिंग को देखने के लिए इकट्ठा हुए। आयोजकों का मानना है कि किसी भी चीज का अंधाधुंध विरोध करने से पहले यह जानना जरूरी है कि उसकी जमीनी हकीकत क्या है। विवादों के साये में रात के अंधेरे में हुई इस स्क्रीनिंग ने पूरे इलाके में एक नई चर्चा छेड़ दी है।