बलिया में ‘कागजी बाजीगरों’ का महाखेल: जाली दस्तखतों से बांटी नौकरियां, शिकायत हुई तो IGRS पर लगा दिया लीगल नोटिस और पैसों से खरीदा गया प्रोपगेंडा!
बलिया के बांसडीह इंटर कॉलेज में कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए 5 परिचारकों और 1 सहायक लिपिक की अवैध नियुक्तियों का भंडाफोड़ हुआ है। पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. हरेराम पांडेय की शिकायतों को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) मनोज कुमार मिश्र, वरिष्ठ लिपिक ज्ञान प्रकाश मिश्र और संजय कुमार यादव मिलकर दबाने में जुटे हैं। घिरने पर अब आरोपियों ने लीगल नोटिस और फर्जी खबरों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
जब न्याय का ‘आईजीआरएस’ पोर्टल ही बन गया लीगल नोटिस और प्रोपगेंडा का ‘अड्डा’!
जनवार्ता लाइव
बलिया ।
कहते हैं कि जब पाप का घड़ा भर जाता है, तो उसमें से पानी नहीं, बल्कि लीगल नोटिस और पैसे देकर छपवाई गई फर्जी खबरें छलकने लगती हैं! ऐसा ही एक दिलचस्प और शर्मनाक नजारा इन दिनों उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के शिक्षा विभाग में देखने को मिल रहा है, जहाँ ईमानदारी की बलि चढ़ाकर 'कागजी बाजीगरों' का एक बड़ा गिरोह बेखौफ घूम रहा है।
क्या है पूरा फर्जीवाड़ा और कौन हैं इसके 'कलाकार'?
मामला बांसडीह इंटर कॉलेज, बांसडीह (बलिया) का है। सेवानिवृत्ति के करीब डेढ़ वर्ष बाद पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. हरेराम पांडेय ने जब व्यवस्था की परतों को उघाड़ा, तो एक चौंकाने वाला à¤