'मूंगफली' खा गए अधिकारी और नेता, अब खेतों में फसल ढूंढ रही एडीओ-एसएमएस की 'फौज'!

बरेली में कृषि विभाग की 'कृपा' से 75 लाख रुपये का 705 कुंतल मूंगफली बीज कागजों में बो दिया गया! बफर गोदाम से गायब हुए बीज का सच छिपाने के लिए अब अधिकारी एडीओ और एसएमएस की फौज को किसानों के खेतों में मूंगफली ढूँढने के लिए दौड़ा रहे हैं। सत्यापन में 50 हेक्टेयर के लक्ष्य के बदले महज 12 बीघा फसल मिली है। उधर, शासन स्तर तक इस 'मूंगफली कांड' का चटका लगा तो प्रमुख सचिव कृषि की कुर्सी छिन गई और निदेशक रिटायर्ड होकर निकल गए। पढ़िए बरेली के इस 'अद्भुत' बीज घोटाले की पूरी व्यंग्यात्मक रिपोर्ट।

'मूंगफली' खा गए अधिकारी और नेता, अब खेतों में फसल ढूंढ रही एडीओ-एसएमएस की 'फौज'!
जनवार्ता लाइव।

 

"मूंगफली तेरी भी कहानी ऐसी... जो खाए पगलाए, और जो न खाए वो घबराए!"

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बरेली।

 कृषि महकमे ने एक ऐसा 'चमत्कार' कर दिखाया है, जिसे सुनकर आधुनिक कृषि वैज्ञानिक भी अपना सिर पीट लेंगे! कृषि निदेशालय से जिले के लिए 705 कुंतल मूंगफली का बीज भेजा गया था, जिसे जुलाई के अंत तक किसानों के खेतों में लहलहाना चाहिए था। लेकिन हुआ क्या? मूंगफली का बीज बफर गोदाम से ही हवा में गायब हो गया!

राजकीय बीज गोदामों तक तो सिर्फ नाममात्र का दाना पहुँचा, और गोदाम प्रभारी ने अगस्त के अंत तक पॉश (PoS) मशीन पर बीज वितरण 'निल' (Zero) दिखाकर अपनी महान कलाकारी का प्रदर्शन कर दिया। 705 कुंतल मूंगफली का नाम सुनते ही कई सरकारी साहबों और कुछ 'पेटू' किसान नेताओं के मुंह में पानी आ गया। जिन्हें हिस्सा मिला, वे चुप बैठ गए और जिन्हें नहीं मिला, उन्होंने थोड़ा शोर मचाया!

डीएम के आदेश पर खुली सूची, तो उड़ गए होश!

16 सितंबर को जब किसान दिवस में मामला गर्म हुआ, तो किसान नेताओं ने सूची मांग ली। जिला कृषि अधिकारी हिचकिचाए, लेकिन किसान दिवस की अध्यक्षता क