​गुरदासपुर का कड़ा एक्शन: ठक्कर संधू की पुकार पर अधिकारियों को सख्त निर्देश, 7 दिन का अल्टीमेटम!

गुरदासपुर के ठक्कर संधू गांव की सुरक्षा और रोशनी की समस्याओं पर डीसी आदित्य उप्पल ने सख्त रुख अपनाया है। तालाब की बाउंड्री वॉल और बंद स्ट्रीट लाइट्स को लेकर अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश जारी किए गए हैं।

​गुरदासपुर का कड़ा एक्शन: ठक्कर संधू की पुकार पर अधिकारियों को सख्त निर्देश, 7 दिन का अल्टीमेटम!
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गुरदासपुर/ धालीवाल

तत्काल संज्ञान लो, समाधान करो" - DC के आदेश से प्रशासन में हड़कंप

पंजाब के ब्लॉक धारीवाल के अंतर्गत आने वाले गांव ठक्कर संधू की मुराद आखिरकार पूरी होने जा रही है। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही गंभीर शिकायतों पर गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर (DC) आदित्य उप्पल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों की क्लास लगा दी है। डीसी का स्पष्ट और सख्त संदेश है- "अब जनहित के कामों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

सुरक्षा और रोशनी पर सख्त निर्देश

गांव वालों ने एक लिखित प्रार्थना पत्र के माध्यम से डीसी को अपनी पीड़ा बताई थी। गांव के मुख्य तालाब के चारों ओर चारदीवारी न होने से बच्चों और मवेशियों के डूबने का खतरा हमेशा बना रहता था। इसके अलावा, स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण शाम 6 बजते ही पूरा गांव घुप अंधेरे में डूब जाता था। इस वजह से न सिर्फ महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया था, बल्कि चोरी-छिनैती की घटनाएं भी बढ़ने लगी थीं।

इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीसी उप्पल ने दो टूक शब्दों में कहा कि बच्चों की जान और लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने तालाब की बाउंड्री वॉल का निर्माण तत्काल शुरू करने और पूरे गांव की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट्स को हर हाल में 7 दिन के भीतर चालू करने का अल्टीमेटम दिया है।

15 दिन में तलब की 'एक्शन टेकन रिपोर्ट'

प्रशासनिक अमले को काम में तेजी लाने के लिए डीसी कार्यालय से बीडीपीओ  धारीवाल, एक्सईएन  पंचायती राज और बिजली विभाग को आदेश की कॉपी भेज दी गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिन के भीतर अपनी 'एक्शन टेकन रिपोर्ट'  जमा कराएं।

गांव में दौड़ी उम्मीद की किरण

डीसी के इस कड़े एक्शन की खबर मिलते ही ठक्कर संधू के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सरपंच प्रतिनिधि ने आभार जताते हुए कहा, "डीसी साहब का बहुत-बहुत धन्यवाद। हमें पूरी उम्मीद है कि अब ये कागजी आदेश जल्द ही जमीन पर भी हकीकत बनेंगे।" हालांकि, गांव वालों ने तय किया है कि वे प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय अब हर हफ्ते इस काम का खुद भी फॉलोअप लेंगे ताकि काम में कोई ढिलाई न बरती जाए।