फिल्मी अंदाज में बरेली सेंट्रल जेल से उम्रकैदी फरार, सुरक्षा की खुली पोल; DM-SSP के उड़े होश, 7 कर्मचारी सस्पेंड
बरेली की हाई-सिक्योरिटी सेंट्रल जेल से पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद की सजा काट रहा बंदी दिनेश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इस भारी चूक के चलते जेल अधीक्षक ने 7 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटी हैं।
जनवार्ता लाइव
राहुल सक्सेना, बरेली
बरेली की हाई-सिक्योरिटी वाली सेंट्रल जेल में सोमवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक उम्रकैदी बिल्कुल फिल्मी अंदाज में सुरक्षाकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर रफूचक्कर हो गया। इस दुस्साहसिक वारदात ने जेल की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। घटना की भनक लगते ही पुलिस महकमे के पसीने छूट गए और आनन-फानन में जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य दल-बल के साथ जेल पहुंच गए।
फरार कैदी की शिनाख्त अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र (निवासी नेनेडा राजपूत) के रहने वाले दिनेश (पुत्र अरविंद) के रूप में हुई है। दिनेश बिजनौर के एक पॉक्सो एक्ट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और पिछले छह सालों से बरेली सेंट्रल जेल की सलाखों के पीछे था। जानकारी के मुताबिक, दिनेश को एक विशेष पर्ची के जरिए 12 अन्य बंदियों के साथ काम के लिए जेल से बाहर निकाला गया था। इसी दौरान उसने मौका ताड़ा और पहरेदारों को चकमा देकर गायब हो गया।
इस घोर लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेते हुए सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश ने तत्काल प्रभाव से सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। सस्पेंड होने वालों में जेल वार्डर विशंभर सिंह, अर्जुन प्रसाद, गेंदनलाल, मुकेश कुमार, और मोहित कुमार के साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय कुमार और यशपाल शामिल हैं।
पूरे मामले पर एएसपी (तृतीय) शिवम आशुतोष ने बताया कि कैदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई तेज-तर्रार टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस सर्विलांस और मुखबिरों का जाल बिछा दिया गया है। आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है और जल्द ही फरार कैदी पुलिस की गिरफ्त में होगा। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।