जिम कॉर्बेट में 'खुशहाल जीवन' की आड़ में एस.के. गौतम का काला खेल? फर्जी ट्रेडिंग, क्रिप्टो हवाला और डार्क पार्टी की एसएसपी से शिकायत
रामनगर के द बैनयान रिट्रीट रिजॉर्ट में 19 से 21 जून तक प्रस्तावित एक निजी आयोजन शक के घेरे में है। मुख्य आयोजक एस.के. गौतम पर फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ठगी, क्रिप्टोकरेंसी के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग और रिजॉर्ट में अवैध गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाते हुए एसएसपी नैनीताल से शिकायत की गई है।
जनवार्ता लाइव
बरेली।
उत्तराखंड के रामनगर स्थित विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट के 'द बैनयान रिट्रीट रिजॉर्ट' में 19 से 21 जून तक प्रस्तावित एक हाई-प्रोफाइल आयोजन पुलिस के रडार पर आ गया है। एक जागरूक नागरिक ने एसएसपी नैनीताल को पत्र सौंपकर इस कार्यक्रम के मुख्य कर्ताधर्ता, बरेली निवासी एसके गौतम और उसके साथी विपिन सिंह के काले नेटवर्क की गोपनीय जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, एस.के. गौतम का यह आयोजन कोई साधारण पार्टी नहीं है। "रिश्तों में मधुर संबंध और खुशहाल जीवन" के लुभावने स्लोगन का इस्तेमाल करके उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों से शिकार यहाँ जुटाए जा रहे हैं। आरोप है कि एस.के. गौतम का यह सिंडिकेट एक फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट और अवैध निवेश योजना चलाता है। मासूम लोगों को झांसे में लेकर उनसे मोटी रकम जमा कराई जाती है और फिर उनके अकाउंट और आईडी रातों-रात निष्क्रिय कर दिए जाते हैं। ठगी गई इस काली कमाई को डॉलर और क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए ठिकाने लगाने का गंभीर अंदेशा है।
**रिजॉर्ट की चारदीवारी में काले कारनामे?**
गौतम के इस नेटवर्क पर केवल आर्थिक अपराध ही नहीं, बल्कि रिजॉर्ट की आड़ में घिनौने खेल खेलने की भी आशंका जताई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस आयोजन में ड्रग्स का सेवन, अनैतिक देह व्यापार और 'कपल स्वैपिंग' जैसी गैर-कानूनी गतिविधियां भी संचालित की जा सकती हैं।
शिकायतकर्ता ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से एस.के. गौतम के मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों की फोरेंसिक जांच की मांग की है। साथ ही, गौतम और उसकी टीम की दुबई सहित अन्य विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड और पासपोर्ट खंगालने का भी आग्रह किया गया है, ताकि इंटरनेशनल हवाला का खुलासा हो सके।
इस गंभीर मामले की शिकायत केवल स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी प्रतियां ईडी (ED), एनसीबी (NCB) और गृह मंत्रालय के साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को भी भेजी गई हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और जांच एजेंसियां एस.के. गौतम के इस कॉरपोरेट ठगी और हवाला वाले सिंडिकेट पर कब और क्या 'धारदार' एक्शन लेती हैं।