डीएम साहब का हंटर और सुबह की 'प्यास क्या बरेली में आबकारी विभाग रोकेगा सुबह-सुबह छलकते जाम?
बरेली डीएम अविनाश सिंह ने शराब ठेकों के लिए 10 से 10 का नियम सख्त कर दिया है। सवाल यह है कि क्या आबकारी विभाग डीएम के आदेशों का पालन करेगा, या खुद ही नियमों को 'जाम' में घोलकर पी जाएगा?
जनवार्ता लाइव
बरेली।
बरेली में सुबह-सुबह चाय की चुस्की के बजाय 'देसी-अंग्रेजी' की चुस्की ढूंढने वालों के लिए एक बुरी खबर है। डीएम साहब, यानी अविनाश सिंह जी ने आबकारी विभाग को फोन घुमाकर साफ अल्टीमेटम दे दिया है— "शराब के ठेके सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक ही खुलेंगे। अगर कोई शटर इससे एक मिनट भी पहले उठा, तो उसकी खैर नहीं!"
अब डीएम साहब का यह फरमान तो कड़क है, बिल्कुल बिना पानी वाली व्हिस्की की तरह। लेकिन यक्ष प्रश्न यह है कि क्या हमारा प्यारा आबकारी विभाग इस कड़वाहट को बर्दाश्त कर पाएगा? अक्सर देखा गया है कि जहां बात 'राजस्व' और 'शौकीनों की प्यास' की हो, वहां नियम-कानून फाइलों में ही पैक रह जाते हैं।
सुबह 8 बजे से ही ठेके के बाहर मंडराने वाले मदिरा के 'सच्चे भक्तों' को अब 10 बजे तक का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। लेकिन देखना दिलचस्प होगा कि क्या आबकारी विभाग सच में डीएम साहब के इस 'सख्त व्रत' का पालन करवाता है, या फिर हर बार की तरह आदेशों की कॉपी को ही किसी 'पटियाला पेग' के साथ घोलकर पी लिया जाएगा?
फिलहाल तो गेंद आबकारी विभाग के पाले में है, प्रशासन अपनी मूंछों पर ताव दे रहा है, और प्यासे बेचारे अपनी घड़ियों की सुइयां निहार रहे हैं!