आस्था और विकास का नया सेतु: टनकपुर-नांदेड एक्सप्रेस सहित 3 नई रेल सेवाओं का भव्य शुभारंभ, रेल मंत्री ने दी 'बुलेट ट्रेन' पर बड़ी अपडेट!

पूर्वोत्तर रेलवे ने उत्तराखंड, यूपी और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली टनकपुर-नांदेड एक्सप्रेस, नांदेड-मुंबई एक्सप्रेस और टनकपुर-शाहजहाँपुर ट्रेन सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। जानिए इस ऐतिहासिक शुरुआत और भारतीय रेलवे के आगामी मेगा प्लांस के बारे में।

आस्था और विकास का नया सेतु: टनकपुर-नांदेड एक्सप्रेस सहित 3 नई रेल सेवाओं का भव्य शुभारंभ, रेल मंत्री ने दी 'बुलेट ट्रेन' पर बड़ी अपडेट!
जनवार्ता लाइव

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टनकपुर।

भारतीय रेलवे में विकास और आधुनिकता की रफ्तार को और तेज करते हुए 06 जुलाई को तीन बड़ी ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ और विस्तार किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  देवेंद्र फडणवीस सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने वर्चुअली और प्रत्यक्ष रूप से ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इस शुरुआत से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क बेहद मजबूत हो गया है।

???? इस ऐतिहासिक शुरुआत की 4 बड़ी बातें:

उत्तर और दक्षिण भारत का सांस्कृतिक मिलन: टनकपुर-नांदेड एक्सप्रेस के शुरू होने से अब सिख श्रद्धालु और आम यात्री सीधे कुमाऊं के प्रवेश द्वार (टनकपुर/पूर्णागिरि) से 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी की पवित्र धरती 'नांदेड' तक का सफर तय कर सकेंगे।

पर्यटन और व्यापार को रफ्तार: पीलीभीत के 'मिनी पंजाब' और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भारी बढ़ावा मिलेगा।

आम जनता को 12,000 नए कोच: रेल मंत्री ने घोषणा की कि गरीबों और मध्यम वर्ग की सहूलियत के लिए 12,000 नए सामान्य (General) द्वितीय श्रेणी के कोच बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 4,000 कोच ट्रेनों में लगाए भी जा चुके हैं।

अगले वर्ष दौड़ेगी बुलेट ट्रेन: रेल मंत्री ने बड़ा अपडेट देते हुए बताया कि देश में बुलेट ट्रेन परियोजना का काम बेहद तेजी से चल रहा है और अगले वर्ष (2027) बुलेट ट्रेन सेवा चालू हो जाएगी।

"यह ट्रेन सिर्फ एक रेल सेवा नहीं, बल्कि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच आस्था, विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक एकता का एक सशक्त सेतु है।"

—  पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)

इस विशेष अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक उदय बोरवणकर और मण्डल रेल प्रबन्धक वीणा सिन्हा सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।