रेल राज्य मंत्री तक पहुंची रेलकर्मियों की आवाज, NERMC ने सौंपा 14 सूत्रीय मांगपत्र
पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल की यूनियन NERMC ने रेल राज्य मंत्री को 14 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है। इसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, 8 घंटे की ड्यूटी, खाली पदों पर भर्ती और समूह बीमा राशि ₹50 लाख करने जैसी कई बड़ी मांगें शामिल हैं।
जनवार्ता लाइव
बरेली।
पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल की मान्यता प्राप्त यूनियन 'एन.ई. रेलवे मेंस कांग्रेस' (NERMC) ने रेल कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर हुंकार भरी है। यूनियन ने कर्मचारियों की सेवा शर्तों, वेतन विसंगतियों और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए माननीय रेल राज्य मंत्री (भारत सरकार) को एक विस्तृत 14 सूत्रीय मांगपत्र प्रेषित किया है।
मंडल मंत्री श्री रजनीश तिवारी द्वारा भेजे गए इस ज्ञापन में साफ कहा गया है कि भारतीय रेलवे की सफलता की रीढ़ उसके लाखों कर्मचारी हैं। लेकिन वर्तमान में कर्मचारी कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिससे उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। संगठन ने रेल मंत्रालय से इन मुद्दों पर तुरंत प्रभावी हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ये हैं वो 14 प्रमुख मांगें, जिन पर टिकी हैं रेलकर्मियों की निगाहें:
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली: कर्मचारियों की सबसे बड़ी और पुरानी मांग।
8 घंटे की कार्य प्रणाली: सभी विभागों में 8 घंटे की ड्यूटी का कड़ाई से पालन हो।
समयबद्ध पदोन्नति: कैडर पुनर्गठन और प्रमोशन समय पर हों।
रनिंग व सेफ्टी स्टाफ को विश्राम: सुरक्षा से जुड़े स्टाफ को पर्याप्त आराम मिले।
खाली पदों पर भर्ती: रिक्त पदों को जल्द भरा जाए और अनुकंपा नियुक्तियों में तेजी आए।
नाइट ड्यूटी भत्ता: नाइट ड्यूटी अलाउंस की वेतन सीमा को पूरी तरह समाप्त किया जाए।
समूह बीमा (GIS) में बड़ा इजाफा: कर्मचारियों के समूह बीमा की राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख किया जाए।
ट्रैक मेंटेनर व ALP के लिए नीति: ट्रैक मेंटेनर और सहायक लोको पायलट के लिए विभाग परिवर्तन नीति बने।
निजीकरण पर रोक: रेलवे में आउटसोर्सिंग और निजीकरण की प्रक्रिया थमे।
सुरक्षित कार्यस्थल: महिला रेल कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पूरी तरह सुरक्षित हो।
आवासों का आधुनिकीकरण: रेलवे कॉलोनियों और आवासों की हालत सुधारी जाए।
चिकित्सा सुविधाएं: रेलकर्मियों के लिए मेडिकल सुविधाओं को और मजबूत किया जाए।
स्टेशन मास्टर का कार्यभार कम करना: परिचालन स्टाफ और स्टेशन मास्टरों पर बढ़ते काम के बोझ को घटाया जाए।
वेतन विसंगतियां: वेतन और भत्तों में आ रही विसंगतियों का त्वरित समाधान हो।.
"संगठन सदैव रेल कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कर्मचारियों की हर जायज मांग को शासन और प्रशासन के सामने मजबूती से उठाया जाता रहेगा। हमें पूरी उम्मीद है कि रेल मंत्रालय इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों को बड़ी राहत देगा।"रजनीश तिवारी, मंडल मंत्री