बरेली: एक ही फ्लैट को दो बार बेचा! बीजेपी नेता की पत्नी से 25 लाख की कथित धोखाधड़ी, मढ़ीनाथ में हड़कंप
बरेली के मढ़ीनाथ में एक ही फ्लैट और दुकान को दो अलग-अलग लोगों को बेचने का मामला आया सामने। भाजपा नेता की पत्नी से महत्वपूर्ण जानकारी छुपाकर की गई रजिस्ट्री, जांच में जुटी पुलिस।
जनवार्ता लाइव
बरेली।
उत्तर प्रदेश के बरेली से धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने अचल संपत्ति (Real Estate) के बाजार में सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला मढ़ीनाथ क्षेत्र का है, जहां एक ही फ्लैट और दुकान का सौदा दो अलग-अलग खरीदारों से करने का गंभीर आरोप लगा है। इस कथित जालसाजी की शिकार कोई और नहीं, बल्कि एक स्थानीय भाजपा नेता की पत्नी हुई हैं।
क्या है पूरा मामला?
शांति निकेतन की रहने वाली रिकी शर्मा ने पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए बताया कि उन्होंने 28 अगस्त 2025 को मढ़ीनाथ इलाके में एक आवासीय ग्राउंड फ्लोर फ्लैट करीब 20 लाख रुपये में खरीदा था। इसके साथ ही, उनके पति धर्मेंद्र कुमार ने उसी परिसर में स्थित एक दुकान भी करीब 5 लाख रुपये में विक्रेता धर्मेंद्र सक्सेना से रजिस्ट्री कराकर अपने नाम करवाई थी। दंपती को लगा कि उन्होंने एक सुरक्षित आशियाने और व्यापार के लिए सही जगह में निवेश किया है, लेकिन असली कहानी रजिस्ट्री के बाद शुरू हुई।
छुपाई गई इकरारनामे की बात
पीड़िता का आरोप है कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें एक बड़ा झटका लगा। उन्हें पता चला कि जिस फ्लैट और दुकान को उन्होंने लाखों रुपये देकर खरीदा है, उसका सौदा विक्रेता धर्मेंद्र सक्सेना पहले ही किसी और से कर चुका था।
मिली जानकारी के अनुसार, विक्रेता ने 20 दिसंबर 2023 को ही अरुण कुमार यादव नाम के एक व्यक्ति के साथ उसी संपत्ति का करीब 20 लाख रुपये में इकरारनामा (Agreement to Sell) कर लिया था। सबसे गंभीर बात यह है कि रिकी शर्मा के साथ रजिस्ट्री करते समय इस पुराने इकरारनामे की जानकारी पूरी तरह छुपाकर रखी गई।
पकड़े जाने पर विक्रेता की दलील
जब इस बात का खुलासा हुआ और पीड़िता ने विक्रेता से जवाब मांगा, तो उसने बेहद गैर-जिम्मेदाराना तर्क दिया। विक्रेता का कहना था कि पुराना इकरारनामा अपनी समय-सीमा पार कर चुका था। उसने यह आश्वासन भी दिया कि यदि भविष्य में कोई धन संबंधी विवाद खड़ा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी वह खुद उठाएगा।
हालांकि, कानूनन किसी संपत्ति पर पहले से चल रहे विवाद या इकरारनामे को छुपाकर रजिस्ट्री करना सीधे तौर पर धोखाधड़ी के दायरे में आता है। इस वजह से पीड़िता अब खुद को एक बड़े कानूनी विवाद में फंसा हुआ पा रही हैं।
कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता की पत्नी रिकी शर्मा ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपी विक्रेता के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपील की है। फिलहाल, पुलिस मामले के सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही धोखाधड़ी की धाराओं के तहत आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।