बरेली में नौकरी के नाम पर 6.50 लाख की ठगी, फर्जी जॉइनिंग लेटर देने वाला पूर्व पार्षद हरमन गिरफ्तार
बरेली के कैंटोनमेंट बोर्ड में नौकरी दिलाने के नाम पर 6.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले पूर्व पार्षद एडमिन हरमन को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पीड़ितों को जाली मुहर लगा फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया था।
कैंट बोर्ड में फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाकर की थी 6.50 लाख की ठगी, बेटा फरार पुलिस खंगाल रही आपराधिक इतिहास
जनवार्ता लाइव
बरेली।
रसूख का रौब दिखाकर बेरोजगारों को चूना लगाने वाले सफेदपोशों पर कानून का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कैंटोनमेंट बोर्ड में सरकारी नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाकर 6.50 लाख रुपये ऐंठने और फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने के आरोपी पूर्व पार्षद एडमिन हरमन को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है, जबकि उसका जालसाज बेटा अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
खुद को बताया रसूखदार, भाई-भाई को बनाया शिकार
ठगी का शिकार हुए सिविल लाइंस (शीशमहल) निवासी डार्विन डेविड ने जनवरी 2026 में एसएसपी अनुराग आर्य से न्याय की गुहार लगाई थी। डार्विन का आरोप था कि स्टेशन रोड निवासी पूर्व पार्षद एडमिन हरमन ने खुद को कैंट बोर्ड का बेहद प्रभावशाली व्यक्ति बताकर उन्हें और उनके भाई क्लाइव फ्रांसिस डेविड को नौकरी लगवाने का झांसा दिया। झांसे में आकर पीड़ितों ने सितंबर 2024 में अलग-अलग तारीखों में आरोपी को 6.50 लाख रुपये सौंप दिए। इसमें से 50 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से हरमन के बेटे आशीष हरमन के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
कैंट बोर्ड पहुंचते ही उड़े होश, खुली फर्जीवाड़े की पोल
रुपये ऐंठने के बाद शातिर पूर्व पार्षद ने डार्विन को कैंटोनमेंट बोर्ड का एक कथित नियुक्ति पत्र थमा दिया। डार्विन जब पूरी उम्मीद के साथ जॉइनिंग के लिए कैंट बोर्ड कार्यालय पहुंचे, तो वहां के अधिकारियों ने पत्र को देखते ही खारिज कर दिया। जांच में सामने आया कि नियुक्ति पत्र पर न केवल नकली हस्ताक्षर थे, बल्कि मुहर भी जाली थी। ठगे जाने का अहसास होने पर जब डार्विन ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी धमकियां और टालमटोल करने लगा।
दागदार इतिहास: पत्रकार पर हमले का भी है आरोप
स्टेशन रोड चौकी इंचार्ज वैभव गुप्ता ने मामले की जांच करते हुए बैंक लेन-देन और फर्जी दस्तावेजों के पुख्ता सबूत जुटाकर आरोपी पूर्व पार्षद को उसके घर से दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक एडमिन हरमन का पुराना आपराधिक इतिहास है। वह पूर्व में पत्रकार रविंद्र सिंह पर जानलेवा हमला करने के मामले में भी नामजद रह चुका है। पुलिस अब उसके फरार बेटे आशीष की तलाश में दबिश दे रही है।
रंगदारी और धर्मांतरण करने वाले भी रडार पर
इस मामले के तार अन्य गंभीर मामलों से भी जुड़ रहे हैं। पीड़ित डार्विन डेविड की शिकायत पर जगमोहन सिंह, राजीव मैसी और संजीव कुमार समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने का एक और मुकदमा दर्ज है। इस बीच, हिंदू रक्षा दल के मंडल अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि योगी सरकार में रंगदारी मांगने और धर्मांतरण के खेल में शामिल ईसाई मिशनरीज के पदाधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे सिंडिकेट की शिकायत लेकर एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गोरखपुर जाएगा।