बरेली के GGIC चौपला में छात्राओं से झाड़ू लगवाने और बदबूदार पानी पिलाने का आरोप डीएम से शिकायत
बरेली के GGIC चौपला इंटर कॉलेज में पढ़ाई ठप होने, गंदा पानी पीने और छात्राओं से मैदान की घास कटवाने का मामला सामने आया है। डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
जनवार्ता लाइव।
बरेली।
स्मार्ट सिटी बरेली के एक प्रमुख सरकारी बालिका विद्यालय की बदहाली और लापरवाही की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चौपला की छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की गई है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी है और छात्राओं को बुनियादी सहूलियतें तक नसीब नहीं हो रही हैं।
झाड़ू लगाने से लेकर मैदान की घास छीलने तक का दबाव
शिकायतकर्ता के अनुसार, स्कूल में साफ-सफाई के लिए कोई सफाईकर्मी तैनात नहीं है। कक्षाओं की सफाई और झाड़ू लगाने का काम खुद छात्राओं से कराया जाता है। इतना ही नहीं, खेल के मैदान में उगी बड़ी-बड़ी घास को भी छात्राओं से ही साफ करवाया जाता है, जिससे मैदान में सांप या जहरीले कीड़े-मकोड़ों के काटने का गंभीर खतरा बना रहता है।
बदबूदार पानी और पढ़ाई से तौबा
पत्र में बताया गया है कि करीब 3 से 4 हजार छात्राओं की संख्या वाले इस बड़े कॉलेज में स्वच्छ पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में लगे एकमात्र नल से इतना गंदा और बदबूदार पानी आता है कि उसे पीना बीमारी को बुलावा देने जैसा है। इसके अलावा शिक्षकों की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि प्रार्थना सभा के बाद पूरे दिन में बमुश्किल एक या दो पीरियड ही लगते हैं, जबकि लंच (मध्याह्न) के बाद कोई भी शिक्षिका क्लास में पढ़ाने नहीं जाती।
डीएम से निष्पक्ष जांच की गुहार
पूर्व में प्रधानाध्यापक और प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब मामला सीधे जिलाधिकारी की चौखट तक पहुंचा। प्रार्थना-पत्र में मांग की गई है कि जिलाधिकारी इस मामले की अपनी निगरानी में निष्पक्ष जांच कराएं, छात्राओं के लिए साफ पानी की व्यवस्था करें और दोषी कर्मचारियों व शिक्षकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें।